(दृश्य बदल जाता है) मेरा नाम अनन्या चौबे है। मेरी शादी इलाहाबाद में हुई है। मैं चोबीस वर्ष एक जवान सेक्सी लड़की हूं और बहुत खूबसूरत हूं। मेरा फिगर थरी थरी थरी फोर का है। कमर पतली और (हंसते हुए) शहरीली है और मेरा वेस्ट कद काफी सेक्सी है। मुझे देखकर सभी मर्दों के लंड खड़े हो जाते हैं और सब मुझे चोदने को बेकरार रहते हैं। मैं हूं ही सेक्सी महिला। जब मैं साड़ी ब्लाउज पहनती हूं तो मेरी चूचियां तनी तनी नारियल के खोल की तरह नुकीली लगती है। मेरी जवानी देखकर मेरे ससुर और जेठ का लंड भी खड़ा हो जाता है। मेरे पति इंजीनियर है और काफी अच्छा पैसा कमा लेते हैं। जबकि मेरे जेठ एक शेफ है और एक बड़ा रेस्टोरेंट चलाते हैं। इसके अलावा वह यूट्यूब पर कुकिंग चैनल भी चलाते हैं और जब कोई उनके हाथ का बना खाना खा लेता है तो उंगलियां चाट जाता है। दोस्तों मेरी शादी होने के बाद से ही मेरे जेठ आदित्य मुझे घूर घूर कर देखा करते थे। मैं जवान और सेक्सी लड़की थी। काफी खूबसूरत भी थी इसीलिए अनेक मर्द मुझे (हंसते हुए) ताड़ते रहते थे। धीरे धीरे मुझे पता चल गया कि मेरे जेठ आदित्य मुझे मन ही मन पसंद करते हैं और चोदने के जुगाड़ में हैं। आदित्य की बीवी अपने मजनू के साथ भाग गई थी। वह किसी प्राइवेट कंपनी में डेस्क जॉब करती थी। वहीं पर उसका उसके कलीग से अफेयर हो गया और वह भाग गई। उसके बाद मेरे जेठ ने दोबारा शादी नहीं की। पर जिस तरह से वह मुझसे बात करने का मौका ढूंढते थे, उससे तो यही पता चलता था कि वह मेरे (हंसते हुए) बदन को चाटने के जुगाड़ में लगे हुए हैं। जब मैं छत पर कपड़े सुखाने जाती थी तो आदित्य भी तुरंत चले जाते थे और किसी ना किसी बहाने से मेरे पास आने की कोशिश करते थे। वह मेरे पति से सिर्फ एक साल बड़े थे। मेरे पति और आदित्य दोनों की उम्र एक जैसी दिखती थी। धीरे धीरे मेरी नजदीकियां उनसे बढ़ने लगी और मेरा भी दिल (अह) चुदने का करने लगा। मुझे छोले भटूरे सीखना था (हंसते हुए) क्योंकि मेरे सास ससुर दोनों को छोला भटूरा बहुत पसंद था और कई दिन से मुझसे बनाने को कह रही थी। शाम के वक्त मैं अपने जेठ आदित्य के रूम में गई। गर्मी के मौसम की वजह से उन्होंने हाफ बनियान और शॉर्ट्स पहन रखे थे। मेरी नजर उनके पूरे जिस्म पर पड़ी। काफी कठिन बदन था उनका। (सिंघाड़े से) जेठ जी, क्या आप मुझे छोला भटूरा सिखा देंगे? मैंने कहा। मैंने उस वक्त पिंक कलर की सेक्सी मैक्सी पहनी हुई थी।
Listen Bhabhi khana banane ke bhane chood gayi | Hindi Audio Sex Story
फ्रेंड्स, मैं जब भी खाना बनाती थी तो मैक्सी पहन लेती थी क्योंकि यह बहुत सुविधाजनक होती है। आदित्य मुझे घूर घूर कर देखने लगे। फिर हम दोनों किचन में जाकर खाना बनाने लग गए। वह मुझे सभी जरूरी टिप्स दे रहे थे कि कैसे, कितने, क्या चीज डालनी है जिससे छोला भटूरा टेस्टी बन जाए। जब मैं मर्द को गर्म पानी से गुंतने लगी तो (हंसते हुए) अचानक आदित्य ने मेरे हाथ पर अपना हाथ रख दिया और वह भी गुंतने लगे। इसी बहाने में वह मेरे को छूने लगे और टच करने लगे। जेठ जी, यह सब ठीक नहीं है। मैं बोली। उसी वक्त उन्होंने मुझे पीछे से पकड़ लिया और मेरे गालों पर जबरन किस करने लगे। मैं भाग भी नहीं सकती थी क्योंकि गैस चल रही थी। उसपर कुकर में छोले पक रहे थे। मैं भटूरे के लिए आटा गूंथ रही थी। अनन्या, जब तुमको देख लेता हूं तो मुझे मेरी बीवी की याद आ जाती है। तुम मुझे बहुत अच्छी लगती हो। तुमको पाने के लिए मैं कुछ भी करूंगा वह बोले। उसके बाद मुझे पकड़ लिया और मेरे होठ पर होठ रख कर चूसने लगे। मैं खुद को बचा भी ना सकी। फ्रेंड्स, जैसा कि मैंने आपको बताया कि आदित्य बहुत ही हैंडसम मर्द थे। हाफ बनियान और शॉर्ट्स में उनकी बॉडी कितनी मस्त दिखती थी। इसीलिए मेरा भी अंदर ही अंदर उनसे चुदने का दिल कर रहा था। उस दिन उन्होंने मेरे हाथों पर हाथ रख के ही आटा गूंथा। उनका लंड तो उसी वक्त मुझे चोदने के लिए खड़ा हो गया होगा। जब आदित्य मुझे पीछे से पकड़े हुए थे, उनका लंड मेरी गांड में चुभ रहा था। उस दिन से हम दोनों की लव स्टोरी शुरू हो गई बस। जब मेरे पति रात में मेरी चुदाई करते थे तो यही लगता था कि मेरे जेठ ही मुझे पेल रहे हैं। मैं अपने पति से खुशी खुशी चुदवा लेती थी। पर मन में यही सोचती कि आदित्य मेरी चुदाई कर रहे हैं। फ्रेंड्स, कुछ दिनों के बाद मेरे हस्बैंड को विदेश जाना पड़ा। उनकी कंपनी जर्मनी की किसी कंपनी के साथ कोई प्रोजेक्ट कर रही थी। इसीलिए वह जर्मनी चले गए। अब घर में सिर्फ मेरी सास थी। आदित्य से चुदने का अच्छा अवसर था यह। वह भी मुझसे अकेले में मिलने का बहाना ढूंढने लगे। मैं अपने सास के साथ बैठकर सब्जियां काट रही थी। इतने में आदित्य आ गए। मां, मैं बाहर दुकान पर कपड़े स्त्री करवाने जा रहा हूं। आदित्य बोले, अरे बेटा, बाहर जाने की क्या जरूरत है? अनन्या कर देगी। जाओ बेटे, आदित्य के कपड़े स्त्री कर दो।मेरी सास बोली, पर मांजी सब्जियां, मैं बोली। सास बोली, मैं काट दूंगी। मैं अपने जेठ जी के कमरे में चली गई। जैसे ही कपड़ों को स्ट्रीट करना शुरू किया, आदित्य आ गए और पीछे से मेरी कमर में हाथ डालकर सहलाने लगे। क्या जेट जी कैसे मुझे याद किया? मैं हंस कर बोली, अनन्या रोज मेरे छोटे भाई से चुटती हो, आज मुझसे चुट जाओ। आज तुम्हारी रूब के आग में खेलना चाहता हूं। आदित्य बोले, मेरे दूध पर हाथ घुमाते लगे। मैं घमंड कर के बोली, जल जाओगे जेट जी। तो आज मुझे अपने यौवन की आग में जलाकर मार डालो तुम। वह बोले और मेरे हाथों से ब्रेस्ट को छुड़वा कर मुझे अपने बाहों में भर लिया। मैं किसी फूल की कली की तरह (चस्ती कर रही है और सस्पेंस पूरा हो रहा है) करने लगी। मेरे जेठ मुझे हर जगह हाथ लगाने लगे। फ्रेंड्स आज भी मैंने पिंक कलर की मैक्सी में पहनी थी। धीरे धीरे उनकी पकड मेरी कमर पर सख्त हो गई और फिर वह मुझे सीधा अपने बिस्तर पर ले गए और लिटा दिया। मेरे होंठ बहुत ही रसीले और खूबसूरत थे। आदित्य पहले तो कुछ देर मेरी सुंदरता और यौवन को ध्यानपूर्वक देखते रहे। फिर एकाएक मेरे लबों पर लब रखकर चूसने लगे। मैं घसंसाने लगी और वो मजे लेने लगे और मेरे होंठ को मुंह चला चला कर अपने मुंह में लेकर चूसने लगे। मैं (चस्ती करती है) करने लगी। फिर मुझे भी उनका साथ देना ही पड़ा। मैं भी चूसने लगी। आदित्य ने मेरी मैक्सी को जैसे ही जांघों तक उतार दिया, मेरे सेक्सी बदन का दर्शन उनको होने लगा। ओह अनन्या, यू आर सो गॉर्जियस। बोलकर मेरे जेठ आदित्य ने मेरी टांगों और घुटनों पर हाथ लगाना शुरू कर दिया और फिर किस करने लगे। ऊपर बढ़ते रहे और मेरी खूबसूरत मासूम जांघों पर हाथ फिराने लगे। फ्रेंड्स बड़ा कामुक अंदाज था यह। मेरी जांघे बहुत ही खूबसूरत थी, सफेद और बिल्कुल चिकनी तराशी हुई। फिर आदित्य उस पर चुम्मा पर चुम्मा लेने लगे। आह, आह, आह, आह, आह, आह, आह। आप कितने अच्छे हैं जी। अहा मैं कहने लगी। मेरे जांघों पर उनके हाथ इधर उधर नाच रहे थे। फिर जल्द ही उन्होंने मैक्सी को मेरे पेट तक ऊपर उठा दिया। मैंने पिंक कलर की हल्की सी तिकोनी पैंटी पहनी थी। मेरी छूत की झलक जेठ जी के ऊपर से पारदर्शी पैंटी से दिख रही थी। कुछ ही सेकंड में उनके हाथ मेरी छूत पर पहुंच गए और ऊपर से नीचे तक मेरी छूत को सहलाए जा रहे थे। फिर मेरे पेट से वो खेलने लगे। उसके बाद माहौल इतना गर्म हो गया कि हम दोनों अपने कपड़े उतारने लग गए। अनन्या, क्या शादी से पहले तुम्हारा कोई बॉयफ्रेंड था? आदित्य पूछने लगे। मैंने पूछा, यह बात आप क्या पूछ रहे हैं मुझे? मैं जानना चाहता हूं कि तुम्हारे जैसी खूबसूरत माल को किस पुरुष ने पहले भोग लगाया। आदित्य बोले, मेरा कोई बॉयफ्रेंड नहीं था। आपके भाई ने ही मुझे पहली बार छू दिया है। मैं बोली। आदित्य बोले, मैं मान नहीं सकता। अब हम दोनों बिना कपड़ों के हो गए थे। मैंने अपनी ब्रा को खोल कर उतार दिया। फिर पैंट भी उतार दी। मेरे जेठ आदित्य अब मौसूमी जैसी बड़ी बड़ी चुपचाप उसे खेलने लगे। हाथ से दबा दबा कर मजा लेने लगे। मैं हम्म हम्म कर कर घस्मसाने लगी। फिर आदित्य मेरी दूध को दोनों हाथों से दबाने लगे और मसलने लगे। मैं लंबी लंबी संस्कारियां ले रही थी। आह, पी लीजिए। मेरे स्तन तो आपसे चूसना चाहते हैं। हम्म हां। वह मुंह चला चला कर ऐसे चूस रहे थे जैसे मैं उनकी छोटे भाई की बीवी नहीं बल्कि उनकी अपनी बीवी हूं। फ्रेंड्स यहां पर मैं आपको याद दिला दूं कि यह कहानी आप सुन रहे हैं ऑडियो सेक्स स्टोरीज डॉट नेट पर जो कि इंडियन सेक्स डॉट कॉम और एडल्ट प्रोडक्ट्स इंडिया डॉट कॉम की जॉइंट इनिशिएटिव है। कहानी पर लौट आए। मेरी छूत काफी सेक्सी थी। हम्म मांस से भरी हुई थी। आपने देखा होगा कि कुछ औरतें की छूत सूखी, सूखी होती है, जिसे चोदने में जरा भी मजा नहीं आता। पर मेरी छूत काफी मांसल और गुंचेदार थी। मेरे हस्बैंड ने मुझे बहुत बार चोदा पीला खाया था, जिस वजह से मेरी वो के होंठ अच्छे से फट कर अलग अलग हो गए थे। आदित्य उसमें जीभ घुसा घुसा कर चाट रहे थे। मैं संस्कारियां लेकर आह, हम्म बोल रही थी। आदित्य तो बहुत जोशीले मर्द निकले। इतना जोश तो मेरे हस्बैंड ने भी कहीं नहीं दिखाया। जेठ जी अब तो बहुत सेक्सी मर्द हो। अब मुझसे इंतजार नहीं होता। जल्दी चोदो मुझे।मैं कहने लगी और फिर मेरी भूत चटाई करने लगे वो। बड़े देर तक उन्होंने मेरे छूत का मीठा रस पिया। बड़ा वेट करवाया मुझे। फिर अपना लंड को अच्छे से मोट देकर फेट फेट कर खड़ा किया। फिर लंड का सुपारा मेरी बड़ी सी भूर पर पीटने लगे। मारने लगे। मैं हांहह हो करने लगी। उनका लैंड इलेवन इंच लंबा और तीन इंच मोटा था दोस्तों और बहुत ही दैत्याकार दिखता था। उन्होंने लैंड को पकड़ कर मेरे छूत के छेद के ऊपर रखा और जोर से गच्छ से अंदर घुसा दिया। दोस्तों मेरी तो आंख जैसे बाहर निकल आई। आंखों से आंसू निकल आया दर्द की वजह से। फिर आदित्य मुझपर लेट गए और कमर उठा उठा कर मुझे फक्क करने लगे। मुझे दोनों छांव में लेकर कपट कपट चोद रहे थे। उसका लैंग किसी खूंटे की तरह मेरी छाती में बुरी तरह से घसा हुआ था। जैसे किसी ने हथौड़ी मार मार कर घुसा दिया हो। आदित्य ने मुझे चोद चोद कर मजा दे दिया और अपने वश में कर लिया। डार्लिंग मेरी लैंड की स्वाद तुमको कैसी लगी? वो चोदते हुए बोले। मैंने भी उनको बोल दिया कि आह जान क्या मजा आ रहा है। फोड़ दो मेरी भोसड़ी। हां हां हां हां। अब दो काम एक साथ कर ही जा रहे थे आदित्य मेरी भरी हुई छाती भी चूस रहे हैं और मेरी ठुकाई भी कर रहे हैं। इस तरह से मुझे बहुत मजा मिल रहा था। असली मर्द की ताकत वर्षा दायी कैसी होती है, यह तो मैंने आज जान लिया था। मेरे जेठ आदित्य ने 30 मिनट मुझे लेटाकर खूब छोड़ा, खूब धक्के मारे और फिर छूत में ही चढ़ गए और फिर मुझे प्यार करने लगे। दोस्तों मेरे पति एक महीने तक जर्मनी में रहे और इस दौरान आदित्य ने मुझे चोद चोद कर छूत का मुंह अच्छे से खोल दिया और अब तो मानो जैसे मुझे उनकी आदत ही पड़ गई है। तो दोस्तों कैसी लगी आपको आज की कहानी? अगर अच्छी लगी हो तो लाइक बटन प्रेस कीजिए।
